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देखने की जेहमत…

आज अक्षय और मीरा की सगाई थी।

मीरा के घर में ज़बरदस्त रौनक लगी हुई थी, हर तरफ़ चहल-पहल, हंसी-मज़ाक और लोगों की आवाज़ों का शोर गूंज रहा था। मीरा की कजिंस उसके कमरे में उसे चारों तरफ़ से घेरे बैठी थीं, कोई उसके लिबास को ठीक कर रही थी, कोई उसके चेहरे को गौर से देख रही थी।

मीरा ख़ामोशी से उनकी बातें सुन रही थी, उसके होंठों पर हल्की सी मुस्कुराहट थी, मगर वो मुस्कान दिल से नहीं थी, बस एक बनावटी सी झलक थी।

उसे खुद समझ नहीं आ रहा था कि वो क्या महसूस कर रही है, या शायद वो कुछ महसूस ही नहीं कर पा रही थी।

बस दिल के किसी कोने में एक अजीब सी बेचैनी थी, एक अनजाना डर, जो उसे अंदर ही अंदर जकड़ रहा था।

" वैसे मीरा दी आपके तो बड़े मज़े हैं, आप शहर में रहती हैं और अब आपकी शादी इतनी बड़ी शख्सियत से होने जा रही है। "

अपनी कजिन की बात सुनकर मीरा ने उसकी तरफ़ नज़र उठाकर देखा था।

वो ऋषिता थी, उसकी चाची की बेटी, उम्र में उससे छोटी, करीब उन्नीस साल की।

उम्र भले कम थी, मगर दुनियादारी और चालाकी में वो मीरा से कहीं आगे थी।

ऋषिता हल्की सी जलन के साथ बोली, " आप यहां जो चाहें कर सकती हैं, वहां हमें दादी के ताने सुनने पड़ते हैं। "

मीरा उसकी बात सुनकर चुप ही रही, आखिर क्या कहती?

उनकी फैमिली, खास तौर पर उनकी दादी, पुराने ख्यालात की थीं, जिन्हें लड़कियों का आगे बढ़ना ज़्यादा पसंद नहीं था।

" दी वैसे मैंने सुना है जीजू एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में हैं, क्या ये सच है? "

" अगर ऐसा है तो वो मेरी ऐक्ट्रेस बनने में ज़रूर मदद करेंगे, आखिर मैं उनकी इकलौती छोटी साली हूं। "

" बताइए ना दी। ", वो मीरा का हाथ पकड़ते हुए बोली।

मीरा ने धीमी! बुझी हुई आवाज़ में कहा, " मुझे नहीं पता, मैं उनके बारे में कुछ नहीं जानती। "

उसकी बात पर ऋषिता ने मुंह बनाते हुए कहा था, " ओह! हां! आपने कहां उनसे बात की होगी, हमारी ये सो कॉल्ड फैमिली के सो कॉल्ड रूल्स! "

लिविंग हॉल में,

" अच्छा हुआ तूने मेरी बात मान ली और लड़की की शादी जल्दी तय कर दी, ज़माना बहुत खराब है। "

" जी मां! मुझे मालूम है। "

आशुतोष नहर ने अपनी मां रेखा नहर की तरफ़ देखते हुए कहा था।

रेखा नहर ने चाय का कप सामने टेबल पर रखते हुए कहा, " वैसे तेरी बीवी कहां है? ज़रा सी भी अक्ल नहीं उसमें कि अपनी सास के पास बैठकर दो बातें कर ले… हमें आए सोलह घंटे हो गए, सिर्फ़ दो बार आई है मेरे पास! यहां अकेले रह कर खुद को मालकिन समझने लगी है क्या? "

आशुतोष नहर ने आवाज़ दी तो शिवानी जी घबराई हुई सी भागती हुई आईं।

" क्या हुआ?", उन्होंने हड़बड़ाहट में पूछा।

उन्हें देखते ही रेखा नहर ने नाक-भौं सिकोड़ ली थी।

" मैंने बुलाया है! "

" ये बताओ, तुमने मीरा को कुछ सिखाया भी है या नहीं? ससुराल जाकर हमारी नाक न कटवा दे! ये सब मां का फ़र्ज़ होता है, चाहे तुम सौतेली ही क्यों न हो। "

शिवानी जी को "सौतेली मां" का ज़िक्र हमेशा की तरह चुभ गया, मगर उन्होंने हमेशा की तरह सब्र से काम लिया।

" जी… मीरा को सब आता है, बहुत हुनरमंद है मेरी बेटी। "

उनकी बात पर आशुतोष नहर के चेहरे पर हल्की सी मुस्कान आ गई।

लेकिन रेखा नहर के चेहरे पर कोई खास असर नहीं हुआ।

" अच्छा ठीक है…"

" जाओ सबको कह दो तैयार हो जाएं, हमें होटल निकलना है। ", उन्होंने हुक्म के अंदाज़ में कहा था।

शिवानी जी ने चुपचाप सर हिलाया और वहां से चली गईं।

आर्यन पैलेस,

दिया आर्यन जब अक्षय के कमरे में दाखिल हुई तो वो कहीं जाने के लिए तैयार हो रहा था।

" कहां जा रहे हो तुम? भूल गए आज तुम्हारी सगाई है?"

वो उसके करीब आते हुए बोली।

अक्षय ने ठंडी, बेजान आवाज़ में जवाब दिया, " मैं कुछ नहीं भूला, ना वो जो आपने दो दिन पहले किया और ना ये सो कॉल्ड सगाई। "

दिया आर्यन उसकी बात पर खामोश हो गई।

अक्षय ने आईने में उनकी तरफ़ देखते हुए रूखे लहज़े में कहा, " शाम तक आ जाऊंगा, डोंट वरी! कोई प्लानिंग करने की ज़रूरत नहीं है। "

ये कहकर वो उनके पास से गुज़र गया।

अचानक रुक गया, बिना पलटे गुस्से में बोला, " मैं उस लड़की को कभी अपनी ज़िंदगी का हिस्सा नहीं बनाऊंगा। "

दिया आर्यन ने दरवाज़ा बंद होने की आवाज़ सुनी और उसके होंठों पर हल्की सी शातिर मुस्कान आ गई।

" यही तो मैं चाहती हूं, तुम अपनी बीवी से कभी मोहब्बत ना करो। "

उनकी आंखों में अजीब सी शैतानी चमक थी।

शाम का वक्त,

फ्लोरा होटल के एक कमरे में मीरा तैयार हो रही थी।

उसने हल्के हरे रंग का लहंगा पहना हुआ था, उसके बाल खुले थे, और आधा सर दुपट्टे से ढका हुआ था।

" दी! आप बहुत खूबसूरत लग रही हैं। ", ऋषिता उसका मांग टीका ठीक करते हुए बोली।

मीरा बस हल्के से मुस्कुरा दी।

उसकी उस फीकी मुस्कान पर ऋषिता झुंझलाकर बोली, " आप तो ऐसे उदास बैठी हैं जैसे आपकी जबरदस्ती सगाई हो रही हो। "

उसकी बात सुनकर मीरा जैसे जम सी गई, उसने अपने लहंगे को कसकर पकड़ लिया।

" ऐ लड़की! क्या बकवास कर रही हो तुम?"

रेखा नहर गुस्से से कमरे में दाखिल होते हुए बोलीं।

उन्हें देखते ही ऋषिता घबरा गई।

मीरा भी सहम गई थी।

" जाओ यहां से, कोई काम करो, हर वक्त बकवास करती रहती हो। "

" जी दादी। "

ऋषिता के जाते ही उन्होंने मेकअप आर्टिस्ट को भी बाहर भेज दिया।

रेखा नहर धीरे-धीरे मीरा के पास आईं, उसके सर पर हाथ रखते हुए बोलीं, " खूबसूरत लग रही हो। "

मीरा आईने में उन्हें देखने लगी।

उसकी उंगलियां लहंगे पर और कस गईं, उनकी मौजूदगी से उसकी घबराहट बढ़ती जा रही थी।

अचानक रेखा नहर का चेहरा सख्त हो गया।

" जितना खूबसूरत चेहरा, उतनी ही बदसूरत हरकत। "

डर से मीरा के होंठ कांपने लगे।

" सब पता है मुझे, क्या किया है तूने! "

" बेशर्म, ज़रा भी अपने खानदान की इज़्ज़त का ख्याल नहीं आया?"

उन्होंने उसका बाजू पकड़ कर उसे झटके से खड़ा किया और कस कर दबाते हुए बोलीं, " मैं तुझे कितना शरीफ़ समझती थी और तूने ही हमारी इज़्ज़त मिट्टी में मिलाने की ठान ली थी! शुक्र है आशुतोष को समझ आ गई और तुझे जल्दी निपटाने का फैसला किया, वरना ना जाने क्या तमाशा करती तू। "

मीरा दर्द से कराह उठी, उसकी आंखों में आंसू भर आए, डर से उसके होंठ बुरी तरह कांप रहे थे।

" सब मालूम है मुझे, मैं दूर रह कर भी तुझ पर और तेरी उस मां पर नज़र रखती हूं। "

उन्होंने उसका हाथ झटक दिया और उंगली दिखाते हुए बोलीं, " मेरी बात ध्यान से सुन ले, मेरे बेटे ने भले तुझे माफ़ कर दिया, लेकिन अगर तूने फिर कोई हरकत की और हमारी नाक कटवाई, तो मैं अपने हाथों से तेरा गला दबा दूंगी। "

" चुपचाप ये शादी कर और अपने ससुराल चली जा। "

उनके जाते ही मीरा जैसे टूटकर कुर्सी पर बिखर गई।

अपनी बाजू को सहलाते हुए वो ज़ोर-ज़ोर से रोने लगी।

आशुतोष नहर ने आर्यन फैमिली का इस्तकबाल किया।

" अक्षय? "

" जी…"

" वो बस आता ही होगा, उसकी एक ज़रूरी मीटिंग थी। ", दिया आर्यन मुस्कुराते हुए बोली।

" कोई बात नहीं… हम समझ सकते हैं…मर्दों के लिए उनका काम ही सबसे अहम होता है। ", रेखा नहर ने तुरंत मुस्कुराकर कहा।

आशुतोष नहर मुस्कुरा रहे थे, मगर अंदर ही अंदर उन्हें ये बात खटक रही थी कि अक्षय अपनी ही सगाई में देर से आ रहा है।

वो खुद भी ऐसे ही मिज़ाज के थे, मगर आज बात उनकी बेटी की थी।

जब अक्षय हॉल में दाखिल हुआ तो हर नज़र उसी पर टिक गई।

दिया आर्यन ने गौर किया, वो उसी सूट में था जो सुबह पहनकर गया था, लगातार काम की वजह से उसके चेहरे पर थकान साफ़ झलक रही थी।

उसकी शर्ट के दो बटन खुले थे और कोट उसके हाथ में था।

उसे इस हालत में देखकर दिया आर्यन ने दांत भींच लिए।

" मां! जीजू कितने हैंडसम हैं ना! काश मेरी इनसे शादी हो जाती… "

" वैसे भी मीरा दी तो बिल्कुल सिंपल टाइप हैं, वो इतना चार्मिंग हसबैंड डिजर्व ही नहीं करतीं। ", ऋषिता ने एक्साइटमेंट में अपनी मां से कहा।

उसकी नजरें अक्षय पर टिकी थी…

" चुप करो! वो तुम्हारी बहन के होने वाले हसबैंड हैं। "

ऋषिता ने मुंह बना लिया और बुदबुदाई, " हाँ, जैसे मैंने कुछ गलत कहा है। "

अक्षय बिना किसी से मिले सीधे स्टेज पर जाकर सोफे पर बैठ गया।

उसने अपने ससुराल वालों की तरफ़ देखने की भी ज़हमत नहीं उठाई।

" लड़का तो बड़ा बढ़िया ढूंढा है तूने। ", रेखा नहर ने अपने बेटे से कहा।

जिस पर आशुतोष नहर ने कोई जवाब नहीं दिया।

" ऋषिता! जाओ मीरा को ले आओ। "

ऋषिता ने नाखुशी से अक्षय से नज़र हटाई और मीरा को लेने चली गई।

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