मीरा ने बड़ी जानफ़िशानी से नाश्ता तैयार किया था। वो हर सूरत ये नहीं चाहती थी कि फिर से दिया आर्यन उसके ख़ानदान पर उंगली उठाए।
उधर दिया आर्यन बड़े इत्मीनान से अपनी जगह पर बैठी, आने वाले तमाशे का तसव्वुर करके हल्का सा मुस्कुरा रही थी।

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